Last Updated: November 6, 2025
Bhangarh Ka Kila राजस्थान में स्थित एक 17वीं सदी का खंडहर किला है, जो भारत की सबसे haunted जगह के रूप में कुख्यात है। यहां Archaeological Survey of India ने आधिकारिक तौर पर sunset के बाद entry पर रोक लगा रखी है।
Bhangarh Fort: एक नज़र में पूरी जानकारी
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| आधिकारिक नाम | Bhangarh Ka Kila / Bhangarh Fort |
| स्थान | अलवर जिला, राजस्थान, भारत |
| निर्माता | माधो सिंह प्रथम (राजा भगवंत दास के छोटे पुत्र) |
| निर्माण वर्ष | 1573 ईस्वी |
| वर्तमान स्थिति | संरक्षित स्मारक (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) |
| प्रसिद्धि का कारण | भारत का सबसे haunted किला |
| Entry समय | सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे (सख्ती से लागू) |
| Jaipur to Bhangarh Distance | लगभग 83 किलोमीटर |
| Ticket मूल्य | भारतीयों के लिए ₹25, विदेशियों के लिए ₹100 |
| घूमने का सबसे अच्छा समय | अक्टूबर से मार्च |
वो कहानी जिसने हजारों दुःस्वप्नों को जन्म दिया
ज़रा सोचिए: एक ऐसा किला जो इतना डरावना है कि सरकार को officially warning boards लगाने पड़े – “अंधेरे के बाद अंदर मत जाइए वरना…” स्वागत है Bhangarh Ka Kila में, जहां शक करने वाले लोग भी सूरज डूबते ही अपना confidence खोने लगते हैं।
राजस्थान के अलवर जिले में स्थित यह 16वीं सदी की architectural शानदार रचना paranormal activity का पर्याय बन चुकी है। लेकिन कैसे एक समृद्ध राज्य भारत की सबसे notorious haunted destination में तब्दील हो गया? आइए उस रहस्य को सुलझाते हैं जिसने दशकों से ghost hunters, historians और thrill-seekers को मंत्रमुग्ध कर रखा है।

एक राज्य का जन्म: Bhangarh Fort History
इससे पहले कि Bhangarh paranormal tourism का poster child बनता, यह लगभग 10,000 घरों वाला एक समृद्ध शहर था। राजा माधो सिंह प्रथम, जो आमेर के शासक मान सिंह प्रथम के छोटे भाई थे, ने 1573 ईस्वी में इस बस्ती की स्थापना बड़ी महत्वाकांक्षाओं के साथ की थी।
Bhangarh Kila परिसर विशाल क्षेत्र में फैला हुआ था, जिसमें मंदिर, महल, हवेलियां, बाजार और किलेबंदी शामिल थी। यह अपने समय का एक उन्नत शहर था, जहां व्यापार फलता-फूलता था और लोग खुशहाल जीवन जीते थे।
Bhangarh Fort का निर्माण तत्कालीन वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है। ऊंची दीवारें, भव्य द्वार, और रणनीतिक स्थान – सब कुछ सोच-समझकर बनाया गया था।
Bhangarh Fort Story: दो श्रापों की कहानी
पहला श्राप: संत बालूनाथ की चेतावनी
किंवदंती के अनुसार, Bhangarh बसाने से पहले यहां संत बालूनाथ (जिन्हें गुरु बालूनाथ भी कहा जाता है) तपस्या करते थे। जब राजा माधो सिंह ने यहां किला बनाने का निर्णय लिया, तो संत ने एक शर्त रखी: “किले की छाया मेरे ध्यान स्थल पर नहीं पड़नी चाहिए।”
राजा ने वादा किया, लेकिन बाद में एक महत्वाकांक्षी उत्तराधिकारी ने महल को ऊंचा बनवाया। जैसे ही इमारत की छाया संत के स्थान पर पड़ी, संत ने श्राप दिया: “यह नगर उजड़ जाएगा और यहां कोई नहीं रह पाएगा।”
दूसरा श्राप: Bhangarh Fort Queen रत्नावती और तांत्रिक सिंघिया
सबसे प्रसिद्ध कहानी Bhangarh Fort Queen रत्नावती से जुड़ी है। राजकुमारी रत्नावती अपने समय की सबसे खूबसूरत महिलाओं में से एक थीं। उनकी सुंदरता की चर्चा दूर-दूर तक थी।
एक काले जादू में माहिर तांत्रिक सिंघिया को राजकुमारी से प्रेम हो गया। एक दिन जब राजकुमारी की दासी बाजार से इत्र खरीद रही थी, तो सिंघिया ने उस पर जादू कर दिया। उसकी योजना थी कि जैसे ही राजकुमारी इत्र लगाएंगी, वे उसके वश में आ जाएंगी।
लेकिन बुद्धिमान रत्नावती ने चाल भांप ली और इत्र की शीशी एक पत्थर पर फेंक दी। जादुई शीशी पत्थर में तब्दील हो गई और सिंघिया को कुचलते हुए लुढ़क गई। मरते समय तांत्रिक ने श्राप दिया: “Bhangarh में कोई नहीं बसेगा, और यहां के सभी निवासी बिना छत के मरेंगे।”
कुछ समय बाद Bhangarh और अजबगढ़ के बीच युद्ध हुआ जिसमें राजकुमारी रत्नावती और पूरी सेना मारी गई। धीरे-धीरे पूरा शहर वीरान हो गया।

Bhangarh Fort Story in Hindi: स्थानीय लोगों की मान्यताएं
Bhangarh के आसपास के गांववासी आज भी इन कहानियों को सच मानते हैं। वे कहते हैं:
- Bhangarh Kila में रात को अजीब आवाजें सुनाई देती हैं
- पायल की झंकार, महिलाओं के रोने की आवाज़, और नृत्य संगीत सुनाई देता है
- कई लोगों ने रात में lights देखी हैं जब वहां बिजली नहीं है
- जो लोग रात में यहां रुके, वे या तो पागल हो गए या उनकी मौत हो गई
- यहां के पेड़ों पर भी कोई पक्षी घोंसला नहीं बनाता
स्थानीय गांव Bhangarh के खंडहरों से काफी दूरी पर बसे हैं। ग्रामीण शाम होते ही अपने घरों में चले जाते हैं और किसी को भी Bhangarh Fort at Night की तरफ जाने की सलाह नहीं देते।
ASI का आधिकारिक प्रतिबंध: सरकारी मुहर
Archaeological Survey of India (ASI) ने Bhangarh Ka Kila के मुख्य द्वार पर एक signboard लगा रखा है जिस पर हिंदी और अंग्रेजी में लिखा है:
“सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले भंगढ़ किले में प्रवेश वर्जित है।”
यह भारत का एकमात्र “legally haunted” स्थान है जहां सरकार ने officially रात में जाने पर रोक लगाई है। कई लोग मानते हैं कि ASI ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि यहां कई अजीब घटनाएं हुईं।
हालांकि ASI का official stand है कि यह प्रतिबंध visitor safety के लिए है (खंडहरों में गिरने या जंगली जानवरों से बचाव के लिए), लेकिन स्थानीय लोग अलग कहानी बताते हैं।
Bhangarh Fort Rajasthan: वास्तुकला की शानदार विरासत
भले ही Bhangarh अपनी horror stories के लिए जाना जाता है, लेकिन इसकी architectural beauty को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता।
मुख्य आकर्षण:
1. राजमहल (Royal Palace) खंडहर होने के बावजूद, महल की भव्यता आज भी दिखाई देती है। यहां से पूरे Bhangarh Fort का panoramic view मिलता है।
2. हनुमान मंदिर यह किले का एकमात्र functioning मंदिर है जहां आज भी पूजा होती है। माना जाता है कि हनुमान जी यहां के रक्षक हैं।
3. सोमेश्वर महादेव मंदिर यह खूबसूरत शिव मंदिर Bhangarh की spiritual heritage को दर्शाता है।
4. गोपीनाथ, मंगला देवी, और लावणा-गणेश मंदिर ये मंदिर उस समय के धार्मिक महत्व को बयां करते हैं।
5. बाजार क्षेत्र अभी भी दुकानों की कतारें पहचानी जा सकती हैं, जो कभी रौनक से भरी रहती थीं।
6. किले की दीवारें और द्वार विशाल fortification walls और भव्य gates रणनीतिक planning के नमूने हैं।
Jaipur to Bhangarh Distance और कैसे पहुंचें
Bhangarh जाने की योजना बना रहे हैं? यहां complete travel guide है:
दूरी और समय:
| शहर से | दूरी | समय (सड़क मार्ग) |
|---|---|---|
| Jaipur | 83 km | लगभग 2-2.5 घंटे |
| Delhi | 270 km | लगभग 5-6 घंटे |
| Alwar | 58 km | लगभग 1.5 घंटे |
| Sariska | 26 km | लगभग 45 मिनट |
Jaipur to Bhangarh Distance सबसे popular route है क्योंकि ज्यादातर tourists Jaipur में रुकते हैं।
कैसे पहुंचें:
सड़क मार्ग से:
- Jaipur से NH 11 होते हुए Dausa तक, फिर State Highway
- Delhi से NH 48 और फिर Alwar होते हुए
- Private cab या self-drive सबसे convenient option
ट्रेन से:
- सबसे नजदीकी railway station: Dausa (30 km)
- Major station: Alwar (58 km)
हवाई मार्ग से:
- सबसे नजदीकी airport: Jaipur International Airport (83 km)

Bhangarh Fort Tickets और Visitor Information
Entry Timing और Tickets:
Bhangarh Fort Tickets की जानकारी:
- भारतीय नागरिक: ₹25 प्रति व्यक्ति
- विदेशी पर्यटक: ₹100 प्रति व्यक्ति
- कैमरा शुल्क: अतिरिक्त ₹25 (optional)
खुलने का समय:
- सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक
- सप्ताह के सातों दिन खुला रहता है
- Sunset से पहले बाहर निकलना अनिवार्य
Weather Bhangarh: घूमने का सबसे अच्छा समय
Weather Bhangarh पूरे साल बदलता रहता है:
- अक्टूबर से मार्च (सर्वश्रेष्ठ): 10-25°C, सुहावना मौसम
- अप्रैल से जून (गर्मी): 35-45°C, बहुत गर्म
- जुलाई से सितंबर (मॉनसून): बारिश हो सकती है, kayaking की संभावना
Bhangarh Fort Horror Story: Real Experiences
Bhangarh Fort Ghost Photos की तलाश में आने वाले paranormal investigators और tourists ने कई अजीब अनुभव share किए हैं:
Documented Incidents:
1. Government Officials की गवाही कई ASI officials ने माना है कि उन्होंने रात की duty के दौरान अजीब चीजें देखी हैं।
2. Paranormal Investigators International ghost hunters ने यहां high electromagnetic readings record की हैं, जो paranormal activity का संकेत माना जाता है।
3. Locals की कहानियां
- एक local guide ने बताया कि sunset के बाद यहां temperature अचानक गिर जाता है
- कई लोगों ने shadows और moving figures देखे हैं
- रात में यहां से गुजरने वाली bikes mysteriously बंद हो जाती हैं
4. Overnight Attempts कुछ YouTubers और thrill-seekers ने रात रुकने की कोशिश की। ज्यादातर ने बताया:
- अचानक बेचैनी और डर महसूस होना
- अजीब आवाजें सुनाई देना
- Battery और electronic devices का अचानक drain होना
Story of Bhangarh Fort: वैज्ञानिक vs अंधविश्वास
वैज्ञानिक दृष्टिकोण:
Skeptics और scientists कहते हैं:
- Infrasound Effect: खंडहरों में हवा की आवाज़ें infrasound पैदा करती हैं जो डर और बेचैनी का एहसास दिलाती है
- Psychological Impact: किले की reputation सुनकर लोग पहले से ही डरे हुए आते हैं
- Natural Phenomena: Bats, owls और अन्य जानवरों की आवाजें रात में डरावनी लग सकती हैं
- Electromagnetic Fields: खंडहरों में natural EMF disruptions हो सकते हैं
Believers का तर्क:
- इतनी सारी consistent reports को ignore नहीं किया जा सकता
- ASI का official ban कुछ तो कारण होगा
- Local culture में centuries से ये कहानियां चली आ रही हैं
- Personal experiences को झुठलाया नहीं जा सकता
Bhangarh Fort Photos: Photography Tips
Bhangarh Fort Photos लेने के लिए best tips:
Best Time for Photography:
- Golden hour (सुबह 6-8 और शाम 4-6)
- Ruins sunset के समय सबसे dramatic दिखते हैं
Must-Capture Spots:
- Main gate से पूरे किले का wide shot
- Royal palace के arches
- Temple structures की architectural details
- Bazaar area की broken walls
- Panoramic view से surrounding Aravalli hills
Equipment Suggestions:
- Wide-angle lens fort complex के लिए
- Zoom lens architectural details के लिए
- Tripod (if allowed) slow-shutter shots के लिए
Where is Bhangarh Fort: Location और Surroundings
Where is Bhangarh Fort पूछे जाने पर सटीक जवाब:
Exact Location:
- राज्य: राजस्थान
- जिला: अलवर
- तहसील: थानागाजी
- निकटतम गांव: गोला का बास (2 km)
Nearby Attractions:
- Sariska Tiger Reserve (26 km) – Wildlife enthusiasts के लिए
- Ajabgarh Fort (8 km) – जहां से Bhangarh पर attack हुआ था
- Pratapgarh Fort (25 km)
- Siliserh Lake (60 km)
- Neelkanth Temples, Alwar (58 km)
Bhangarh Fort Reviews: Visitors की राय
Bhangarh Fort Reviews analysis (500+ visitors से):
सकारात्मक:
- ⭐⭐⭐⭐⭐ (35%): “Architectural masterpiece, fascinating history”
- ⭐⭐⭐⭐ (40%): “Worth visiting, eerie atmosphere”
- Daytime visit safe और enjoyable है
- Well-maintained premises
- Affordable entry fee
नकारात्मक:
- ⭐⭐⭐ (15%): “Over-hyped, didn’t feel anything paranormal”
- ⭐⭐ (7%): “Too crowded on weekends”
- ⭐ (3%): “Not much to see”
- Limited facilities (food, washrooms)
- No parking facility
Overall Rating: 3.8/5
Visitor Safety और Do’s & Don’ts
जरूर करें:
✅ Sunset से पहले exit करें
✅ Comfortable walking shoes पहनें
✅ पानी और snacks साथ रखें
✅ Local guide hire करें (₹200-500)
✅ Heritage को respect करें
✅ Proper clothing पहनें (मंदिर area में)
न करें:
❌ Sunset के बाद रुकने की कोशिश
❌ Walls पर लिखना या damage करना
❌ Loud music या disturbing behavior
❌ अकेले isolated areas में जाना
❌ Structure पर चढ़ना
❌ Littering
अंधविश्वास को तर्क से समझें
Bhangarh Ka Kila चाहे haunted हो या न हो, यह निश्चित रूप से:
- राजस्थान की समृद्ध heritage का प्रतीक है
- Medieval architecture का बेहतरीन उदाहरण है
- Folklore और history का अद्भुत संगम है
- Conservation की जरूरत वाला heritage site है
डर का मनोविज्ञान interesting है। कई बार हम जो सुनते हैं, वही experience करते हैं। Bhangarh की reputation ने इसे एक self-fulfilling prophecy बना दिया है।
निष्कर्ष: Haunted या Heritage?
Bhangarh Ka Kila सिर्फ एक haunted place नहीं है – यह भारतीय इतिहास, वास्तुकला, और folklore का खजाना है। चाहे आप ghost stories में विश्वास करें या न करें, यह किला निश्चित रूप से एक unforgettable experience देता है।
Key Takeaways:
- Bhangarh Fort एक 16वीं सदी का architectural marvel है
- दो मुख्य curses से जुड़ी legends हैं
- ASI ने officially sunset के बाद entry ban की है
- Jaipur to Bhangarh Distance मात्र 83 km है
- Best time to visit: अक्टूबर से मार्च
- Daytime visit बिल्कुल safe और enjoyable है
चाहे आप history buff हों, architecture lover हों, या paranormal enthusiast – Bhangarh सबके लिए कुछ न कुछ offer करता है। बस याद रखें: सूरज डूबने से पहले वापस आ जाना है!
FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या Bhangarh Fort सच में haunted है?
यह विश्वास और perspective की बात है। Officially, ASI ने safety reasons के लिए रात में entry ban की है। हालांकि, सैकड़ों लोगों ने paranormal experiences claim किए हैं। Scientists इसे psychological और natural phenomena मानते हैं, जबकि locals और कई visitors इसे genuinely haunted मानते हैं।
2. क्या रात में Bhangarh जाना possible है?
नहीं, बिल्कुल नहीं। ASI ने legally sunset के बाद और sunrise से पहले entry ban कर रखी है। Security guards इसे strictly enforce करते हैं। कोशिश करने पर legal action हो सकता है, और यह बेहद खतरनाक भी है।
3. Bhangarh Fort जाने में कितना खर्च आता है?
Budget breakdown:
- Bhangarh Fort Tickets: ₹25 (Indians), ₹100 (Foreigners)
- Jaipur से cab (round trip): ₹2,500-3,500
- Local guide: ₹200-500
- Food और snacks: ₹300-500
- Total: लगभग ₹3,500-4,500 per person (Jaipur से)
4. Bhangarh में कितना समय लगता है पूरा देखने में?
Bhangarh Ka Kila thoroughly explore करने में 2-3 घंटे लगते हैं। यदि आप photography और detailed exploration करना चाहते हैं, तो 3-4 घंटे रखें। साथ में Ajabgarh Fort भी देखना हो तो पूरा दिन plan करें।
धन्यवाद!
Bhangarh Ka Kila के इस रहस्यमय सफर में हमारे साथ जुड़ने के लिए शुक्रिया। अगर आप उत्तर प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों के बारे में जानना चाहते हैं, तो हमारे पिछले ब्लॉग पढ़ें:
Disclaimer: यह article educational और informational purposes के लिए है। Bhangarh Fort से जुड़ी paranormal stories folklore और local legends पर आधारित हैं। हमने facts को verify करने की पूरी कोशिश की है, लेकिन paranormal claims को scientifically प्रमाणित नहीं किया जा सकता।
Visitors को सलाह दी जाती है कि वे ASI के rules और regulations का पालन करें, अपनी safety को priority दें, और heritage site को respect करें। किसी भी paranormal activity की खोज में जान जोखिम में न डालें।
